गॉडफादर - 1
जब दरख़्त के साए उनके कद से लंबे हो चले ठीक तभी एक यात्री विमान चील की मानिंद रनवे की तरफ झपटा। लगभग चंद मिनटों बाद है दो अधेड़ व्यक्ति एयरपोर्ट से बाहर निकले और पार्किंग में खड़ी लग्जरी कार की तरफ बढ़े। उनमें से एक व्यक्ति समकालीन लेखक और दूसरा धनाढ्य, दोनों में गहरी मित्रता, जो स्कूल के जमाने से चली आ रही थी। उन्होंने एक दूसरे को नाम भी दे रखा था राइटर और वेल्दीमैन। कुछ देर बाद कार शहर की भीड़भाड़ को चीरती हुई हाईवे पर दौड़ने लगी। खामोशी के एक लंबे अंतराल के बाद वेल्दीमैन ने कुछ दार्शनिक अंदाज में पूछा , " राइटर ! अपनों से दूर एक अजनबी शहर में, .... पराए लोगों के बीच मरना कितना तकलीफदेह होता है ...... तुमने कभी एहसास किया है ?" हूं ...... राइटर ने सहमति से अपना सर कई बार हिलाया। फिर ओठों के बीच सिगरेट दबा तल्लीनता से लाइटर जलाने में व्यस्त हो गया। " राइटर ! मुझसे न पूछोगे ? " , राइटर ने गहरी दृष्टि से वेल्थीमैन की तरफ देखा फिर हौले स...