पुनरिश्च : मैं न तो राइटर हूँ न ही सत्य, और न ही पीहू। मैं आपको वो बातें बताने जा रहा हूँ जो राइटर ने अभी तक इस कहानी में नहीं लिखी। मैं उसके साथ-साथ चलता रहा, इस कहानी को घटित होते हुए देखता रहा। जैसा कि कभी राइटर ने पीहू से कहा था, कुछ कहानियों की नियति होती है, चलते रहना। वह कभी रुकती नहीं हैं। चाहे माइलस्टोन हो या अजनबी उसके अंतर्मन में ये कहानियां हमेशा चलती रही, शायद इसलिए कि ये फिर्फ एक कहानी ही नहीं छोटे-छोटे लम्हे थे जो कुछ किरदारों ने एक साथ जिए। राइटर भी उन्हें किरदारों में से एक था। भले ही राइटर ने इसे आज लिखा हो, लेकिन उसके जीवन में इनकी शुरुआत बहुत पहले हो चुकी थी। टीनएज में माइलस्टोन और युवा अवस्था में अजनबी की। एक लड़की जिसने अपने प्रेम का त्याग किया, जो मृत्यु का कारण लेकर पैदा हुई, जिसकी उसे जानकारी थी, फिर भी उसने लगातार लगभग तीन सालों तक जनकल्याण हेतु कार्य किया !! यदि राइटर की बात को अच्छी तरह से समझना है तो आप अपने आप को पीहू के स्थान पर रख के देखिए। आप मन में प्रतिपल उठते वैराग्य से खुद को क...
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ReplyDeleteTHIS ONE IS ONLY FOR YOU
ReplyDeleteAakhri do line bahut acchi lagi
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