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समास समास हिंदी व्याकरण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक अंग है। इसके भेदों को उनके नाम के अर्थ, पद की प्रधानता और आंतरिक संरचना के आधार पर ही समझा जा सकता है। नीचे सभी मुख्य 6 समासों की नाम के अनुरूप गहन परिभाषा और प्रत्येक के 50-50 उदाहरण पूर्ण कारण सहित दिए गए हैं। 1. अव्ययीभाव समास (Adverbial Compound) नाम के अनुरूप गहन परिभाषा नाम का अर्थ: 'अव्ययीभाव' का शाब्दिक अर्थ है— 'जो अव्यय न हो, उसका अव्यय बन जाना' (अव्यय हो जाना)। पद प्रधानता: इस समास में पूर्व पद (पहला पद) प्रधान होता है। गहन विश्लेषण: इसमें पहला पद प्रायः कोई उपसर्ग या अव्यय ( जैसे: यथा, प्रति, आ, भर, हर, अनु ) होता है। जब यह पहला पद दूसरे पद (संज्ञा) से मिलता है, तो वह पूरे समस्त पद को ही 'अव्यय' (क्रियाविशेषण) बना देता है। इसके बाद उस शब्द के रूप में लिंग, वचन या कारक के कारण कोई बदलाव नहीं होता। इसमें शब्दों की पुनरुक्ति (एक ही शब्द का दो बार आना) भी शामिल है। 50 उदाहरण और कारण यथाशक्ति: शक्ति के अनुसार — 'यथा' अव्यय के कारण पूरा पद क्रियाविशेषण बन गया है। प्रतिदिन: प्रत्येक...