जब हर गए दिल तुमसे

जब हर गए दिल तुमसे,

सब जीत गए भी तो क्या ?

बंधनो में बंधी रही तुम,

मैं आज़ाद परिन्दे सा.

गुजर गया दिल के आँगन से,

टूट गिरा, एक कहीं  कुछ,

नील गगन के तारे सा.

Shailendra S.

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