अलविदा (🌹कविताएं 🌹)
अलविदा यादों के इस सफर उससे दुबारा मिलने से पहले मैंने कभी अपनी कल्पनाओं की दुनिया में उसके लिए सोचा था मेरे दोस्त, अखियां तो भर आती होंगी, जब मुझे इग्नोर तुम करती होगी। मेरी मायूसी भी याद आती होगी, जब बिंदास हंसी तुम हंसती होगी। आह! मेरी मोहब्बत कैसे भूली होगी, जब उसे माय लव तुम लिखती होगी। दे दिलासा अपनी मजबूरी का जब, दोहरा जीवन तुम जीती होगी। ना जाने कितने सपने टूटे होंगे, ना जाने कितने अरमान उठे होंगे। तुम गुजर गई, मैं बीत गया, जब-जब तुमने यह सोचा होगा। मेरी जान, जान पर जान बन आती होगी, जब मेरीजान उसे तुम कहती होगी। मजबूर हालातों की सूली पर चढ़, सारी वफाएं हम पर ही तो हंसती होंगी। मैंने देखा है, महसूस किया है, उसकी मोहब्बत को उसकी सभी चाहतों को, जो जो आज भी उसके हृदय में स्थापित है। हां मेरी राइटर यह कोई भ्रम नहीं है, यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, मैंने देखा है उसे यह जीवन जीते हुए। आज... आज एकबार फिर अलविदा कहने से पहले मैं .... मैं कहता हूं तुझसे, कि आज मैं उसे...